20वीं सदी मा जनम्यां थाती अर माटी सी अटूट प्रेमी, हिमालय संस्कृति का प्रेमी जागर शिरमोर श्रीमान प्रीतम भरतवांण जी तैं "जागर संरक्षण दिवस" की शुभकामनाएं एवं जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं अर बधाई।आप जब-जब यीं देवभूमि मा पैदा व्हे होला,त निसंदेह मां भगवती सुरकण्डा की कृपा रै होलि,कि आपन जु नाम अर ख्याति प्राप्त करि,अफ्ड़ा देश मा न बल्कि विदेशों मा भी अप्ड़ी प्रतिभा कु परचम लहराई,वे खातिर आपका व्यक्तित्वा बणोंण मा ईश्वर भी अप्ड़ी कला पर गर्व महशूस करदा होला।आप जना लोक संस्कृति का धनी व्यक्ति भौत ही बिरला होंन्दन,जु वास्तविक रुप मा निस्वार्थ भाव से,देवभूमि की सेवा छन कना,आपकी यह संस्कृति यात्रा निरन्तर कई सैकड़ो वर्ष तक चल्दी रौ,आपका गीत संगीत,जागर,पवाड़ों कु अथाह महासागर अन्नत हो।ऐ खातिर मै भगवान सी आपकी धिर्गायु होण की कामना करदों,आप और भी अधिक यशस्वी होंन,सम्पूर्ण कुटम्बदारी आपकी सकुशल मंगल रहु,आप तैं कभी भी सूक्ष्म कंटक कि वेदना कु जरा भी एहसाश न हो,आपकु प्रगती कु मार्ग हमेशा निर्मल हो।पुन: जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं भैया।
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धन्यवाद आप का